और हम समाप्त होने वाले नहीं हैं। ये एक बेहद ही झूठा, बेहूदा और अनर्गल प्रचार है, जिसे हमारी कायरता ने पैदा किया है। ईसाई और मुसलमान, इन दो संप्रदाय के पैदा होने से पहले पूरे विश्व में केवल हम ही हम थे। अब जरा सोचो कि -
आज हम है कहाँ ?
हमारी स्थिति क्या है ?
हमारा भूतकाल हमारे भविष्य को कितना भयावह बयां कर रहा है ?
सभी नेताओं और पार्टियों (कोई विशेष नहीं) ने हम हिन्दुओं से हमारे विनाश के आँकड़े छुपा कर हमें पूर्ण रूप से मूर्ख बना दिया है।
जब हिन्दुस्तान में प्रथम लुटेरे मोहम्मद बिन कासिम ने पहली बार हिन्दुओं को जीता तो उस समय पूरी दुनिया में 70 करोड़ हिन्दू और 15 लाख मुसलमान थे।
जब अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान का राज अपने हाथ में लिया तब हिन्दू लगभग 1000 साल में केवल 20 करोड़ रह गये थे। इसका अर्थ यह नहीं है कि 1000 साल में 50 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल हुआ, इसका अर्थ है कि 1000 साल में कम से कम 500 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल विदेशी लुटेरों ने किया था।
हम अंग्रेजों की गुलामी को गुलामी बोलते है किन्तु सत्य तो यह है कि अंग्रेजों ने तो हमारी आज़ादी का मार्ग तैयार किया था।
अगर अंग्रेज इस देश में ना आते तो हमारा हिन्दू के रूप में नामो-निशान अब तक मिट चुका होता। इस हिन्दुओं की पवित्र भूमि पर मदरसे और उर्दू ने गुरुकुल और संस्कृत का स्थान ले लिया था।
ये बहुत बड़ा विषय है और हमारे व्हाट्स एप और फेसबुक के बेताज बादशाहों को इतनी बड़ी पोस्ट पढ़ने की आदत कम ही है। मैं आपको केवल इतना बताना चाहता हूँ कि झूठी डींगों के कारण आज हिन्दू विनाश की और बहुत तीव्रता से बढ़ रहा है।
"हिन्दुओं अब तो धरातल पर आ जाओ और सच का सामना करो"
आज अपनी ही भूमि पर हिन्दू संस्कृति अपने अंतिम दौर में है क्योंकि यहाँ बहुत जल्दी मुस्लिम जनसंख्या तथाकथित "अल्पसंख्यक" के स्थान पर "बहुसंख्यक" हो जाने वाली है और अगर एक बार भी ये हो गया तो स्वयं देवाधिदेव भगवान महादेव शिव और जगद्जननी माँ जगदम्बा भी हिन्दुओं को बचाने नहीं आने वाले क्योंकि कायरों का कोई नहीं होता, इसलिये मुर्ख हिन्दुओं भावनाओं में मत बहो।
तुम्हारे पास आज अपने धर्म की रक्षा का समय है, जो कल नहीं होगा। फिर तुम्हारे हर बेटे का क़त्ल होगा और तुम्हारी हर बेटी का बलात्कार होगा और वो मंडी में बैठेगी। अबकी बार तुम्हें सर पकड़ कर रोने का भी समय नहीं मिलेगा। इसलिये सारे मुद्दे छोड़कर इस देश के नेताओं को "जनसंख्या नियंत्रण कानून" बनाने के लिये विवश कर दो और जब तक ये कानून नहीं बन जाता अपनी सारी ताकत बच्चे पैदा करने में लगा दो क्योंकि अगर एक भी तुम उन जिहादियों से कम हो गये तो तो तुम्हें तुम्हारे विनाश से कोई नहीं बचा सकेगा।
"निर्णय तुम्हारा है!"
हर हर महादेव
Tuesday, July 17, 2018
चाहे सारी दुनिया समाप्त हो जाये पर हम समाप्त नहीं होंगें क्योंकि हम तो सनातनी हैं।
हमारे यहाँ बहुत ज्यादा प्रचार है कि हमारा धर्म सनातन है, ये कभी ख़त्म नहीं हो सकता। जब हम ये बात सुनते हैं तो निश्चित हो जाते हैं कि चाहे सारी दुनिया समाप्त हो जाये पर हम समाप्त नहीं होंगें क्योंकि हम तो सनातनी हैं
और हम समाप्त होने वाले नहीं हैं। ये एक बेहद ही झूठा, बेहूदा और अनर्गल प्रचार है, जिसे हमारी कायरता ने पैदा किया है। ईसाई और मुसलमान, इन दो संप्रदाय के पैदा होने से पहले पूरे विश्व में केवल हम ही हम थे। अब जरा सोचो कि -
आज हम है कहाँ ?
हमारी स्थिति क्या है ?
हमारा भूतकाल हमारे भविष्य को कितना भयावह बयां कर रहा है ?
सभी नेताओं और पार्टियों (कोई विशेष नहीं) ने हम हिन्दुओं से हमारे विनाश के आँकड़े छुपा कर हमें पूर्ण रूप से मूर्ख बना दिया है।
जब हिन्दुस्तान में प्रथम लुटेरे मोहम्मद बिन कासिम ने पहली बार हिन्दुओं को जीता तो उस समय पूरी दुनिया में 70 करोड़ हिन्दू और 15 लाख मुसलमान थे।
जब अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान का राज अपने हाथ में लिया तब हिन्दू लगभग 1000 साल में केवल 20 करोड़ रह गये थे। इसका अर्थ यह नहीं है कि 1000 साल में 50 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल हुआ, इसका अर्थ है कि 1000 साल में कम से कम 500 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल विदेशी लुटेरों ने किया था।
हम अंग्रेजों की गुलामी को गुलामी बोलते है किन्तु सत्य तो यह है कि अंग्रेजों ने तो हमारी आज़ादी का मार्ग तैयार किया था।
अगर अंग्रेज इस देश में ना आते तो हमारा हिन्दू के रूप में नामो-निशान अब तक मिट चुका होता। इस हिन्दुओं की पवित्र भूमि पर मदरसे और उर्दू ने गुरुकुल और संस्कृत का स्थान ले लिया था।
ये बहुत बड़ा विषय है और हमारे व्हाट्स एप और फेसबुक के बेताज बादशाहों को इतनी बड़ी पोस्ट पढ़ने की आदत कम ही है। मैं आपको केवल इतना बताना चाहता हूँ कि झूठी डींगों के कारण आज हिन्दू विनाश की और बहुत तीव्रता से बढ़ रहा है।
"हिन्दुओं अब तो धरातल पर आ जाओ और सच का सामना करो"
आज अपनी ही भूमि पर हिन्दू संस्कृति अपने अंतिम दौर में है क्योंकि यहाँ बहुत जल्दी मुस्लिम जनसंख्या तथाकथित "अल्पसंख्यक" के स्थान पर "बहुसंख्यक" हो जाने वाली है और अगर एक बार भी ये हो गया तो स्वयं देवाधिदेव भगवान महादेव शिव और जगद्जननी माँ जगदम्बा भी हिन्दुओं को बचाने नहीं आने वाले क्योंकि कायरों का कोई नहीं होता, इसलिये मुर्ख हिन्दुओं भावनाओं में मत बहो।
तुम्हारे पास आज अपने धर्म की रक्षा का समय है, जो कल नहीं होगा। फिर तुम्हारे हर बेटे का क़त्ल होगा और तुम्हारी हर बेटी का बलात्कार होगा और वो मंडी में बैठेगी। अबकी बार तुम्हें सर पकड़ कर रोने का भी समय नहीं मिलेगा। इसलिये सारे मुद्दे छोड़कर इस देश के नेताओं को "जनसंख्या नियंत्रण कानून" बनाने के लिये विवश कर दो और जब तक ये कानून नहीं बन जाता अपनी सारी ताकत बच्चे पैदा करने में लगा दो क्योंकि अगर एक भी तुम उन जिहादियों से कम हो गये तो तो तुम्हें तुम्हारे विनाश से कोई नहीं बचा सकेगा।
"निर्णय तुम्हारा है!"
हर हर महादेव
और हम समाप्त होने वाले नहीं हैं। ये एक बेहद ही झूठा, बेहूदा और अनर्गल प्रचार है, जिसे हमारी कायरता ने पैदा किया है। ईसाई और मुसलमान, इन दो संप्रदाय के पैदा होने से पहले पूरे विश्व में केवल हम ही हम थे। अब जरा सोचो कि -
आज हम है कहाँ ?
हमारी स्थिति क्या है ?
हमारा भूतकाल हमारे भविष्य को कितना भयावह बयां कर रहा है ?
सभी नेताओं और पार्टियों (कोई विशेष नहीं) ने हम हिन्दुओं से हमारे विनाश के आँकड़े छुपा कर हमें पूर्ण रूप से मूर्ख बना दिया है।
जब हिन्दुस्तान में प्रथम लुटेरे मोहम्मद बिन कासिम ने पहली बार हिन्दुओं को जीता तो उस समय पूरी दुनिया में 70 करोड़ हिन्दू और 15 लाख मुसलमान थे।
जब अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान का राज अपने हाथ में लिया तब हिन्दू लगभग 1000 साल में केवल 20 करोड़ रह गये थे। इसका अर्थ यह नहीं है कि 1000 साल में 50 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल हुआ, इसका अर्थ है कि 1000 साल में कम से कम 500 करोड़ हिन्दुओं का क़त्ल विदेशी लुटेरों ने किया था।
हम अंग्रेजों की गुलामी को गुलामी बोलते है किन्तु सत्य तो यह है कि अंग्रेजों ने तो हमारी आज़ादी का मार्ग तैयार किया था।
अगर अंग्रेज इस देश में ना आते तो हमारा हिन्दू के रूप में नामो-निशान अब तक मिट चुका होता। इस हिन्दुओं की पवित्र भूमि पर मदरसे और उर्दू ने गुरुकुल और संस्कृत का स्थान ले लिया था।
ये बहुत बड़ा विषय है और हमारे व्हाट्स एप और फेसबुक के बेताज बादशाहों को इतनी बड़ी पोस्ट पढ़ने की आदत कम ही है। मैं आपको केवल इतना बताना चाहता हूँ कि झूठी डींगों के कारण आज हिन्दू विनाश की और बहुत तीव्रता से बढ़ रहा है।
"हिन्दुओं अब तो धरातल पर आ जाओ और सच का सामना करो"
आज अपनी ही भूमि पर हिन्दू संस्कृति अपने अंतिम दौर में है क्योंकि यहाँ बहुत जल्दी मुस्लिम जनसंख्या तथाकथित "अल्पसंख्यक" के स्थान पर "बहुसंख्यक" हो जाने वाली है और अगर एक बार भी ये हो गया तो स्वयं देवाधिदेव भगवान महादेव शिव और जगद्जननी माँ जगदम्बा भी हिन्दुओं को बचाने नहीं आने वाले क्योंकि कायरों का कोई नहीं होता, इसलिये मुर्ख हिन्दुओं भावनाओं में मत बहो।
तुम्हारे पास आज अपने धर्म की रक्षा का समय है, जो कल नहीं होगा। फिर तुम्हारे हर बेटे का क़त्ल होगा और तुम्हारी हर बेटी का बलात्कार होगा और वो मंडी में बैठेगी। अबकी बार तुम्हें सर पकड़ कर रोने का भी समय नहीं मिलेगा। इसलिये सारे मुद्दे छोड़कर इस देश के नेताओं को "जनसंख्या नियंत्रण कानून" बनाने के लिये विवश कर दो और जब तक ये कानून नहीं बन जाता अपनी सारी ताकत बच्चे पैदा करने में लगा दो क्योंकि अगर एक भी तुम उन जिहादियों से कम हो गये तो तो तुम्हें तुम्हारे विनाश से कोई नहीं बचा सकेगा।
"निर्णय तुम्हारा है!"
हर हर महादेव
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